भगवान पुरुषोत्तम  Arti Full Hindi and English Free PDF Download

If you are searching for “भगवान पुरुषोत्तम Aarti Full Hindi and English”, you are in the right place. This devotional aarti is a beautiful way to worship Bhagवान पुरुषोत्तम (Lord Vishnu / Shri Ram) with full faith, peace, and positive energy. Many devotees read or sing this aarti daily to feel calmness, spiritual strength, and blessings in their life.

In this post, you will get भगवान पुरुषोत्तम आरती Full Lyrics in Hindi and English, along with its meaning, benefits, best time to do aarti, and common questions people ask. Everything is written in a simple, user-friendly style so you can read easily and share with your family too.


भगवान पुरुषोत्तम कौन हैं? (Who is Bhagवान Purushottam?)

भगवान पुरुषोत्तम का अर्थ है “सभी पुरुषों में श्रेष्ठ” यानी सर्वोच्च भगवान। यह नाम विशेष रूप से भगवान विष्णु और श्रीराम के लिए प्रयोग किया जाता है।
पुरुषोत्तम भगवान का स्मरण करने से जीवन में:

  • मन को शांति मिलती है

  • बुरी सोच कम होती है

  • भक्ति का भाव बढ़ता है

  • सकारात्मक ऊर्जा आती है

भक्तों के लिए यह आरती सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभव होती है।


भगवान पुरुषोत्तम आरती (Full Lyrics in Hindi)

नीचे भगवान पुरुषोत्तम आरती का पूरा पाठ दिया गया है। आप इसे रोज़ सुबह या शाम पढ़ सकते हैं।

आरती श्री पुरुषोत्तम जी की

जय जय श्री पुरुषोत्तम, प्रभु जय जगदीश।
भक्त जनों के संकट हर, करुणा की हरिश॥

जो जन तुम्हरे ध्यान में, प्रेम भक्ति रस लीन।
दीन दुखी के नाथ तुम, हो सदा कृपा प्रवीण॥

सत्य सनातन धर्म के, तुम ही हो आधार।
ज्ञान प्रकाश जग में करो, मिटे अंधकार॥

राम रूप में धर्म धरे, विष्णु रूप पालन।
भक्तों पर वरदान हो, कर दो शुभ कल्याण॥

आरती गावे जो कोई, मन वाणी विश्वास।
सुख संपत्ति जीवन मिले, हो प्रभु का निवास॥

जय जय श्री पुरुषोत्तम, प्रभु जय जगदीश।
भक्त जनों के संकट हर, करुणा की हरिश॥


Bhagवान Purushottam Aarti in English (Full Lyrics)

Here is the Bhagवान Purushottam Aarti in English for devotees who want to read it easily.

Aarti of Shri Purushottam Ji

Jai Jai Shri Purushottam, Prabhu Jai Jagdish,
Remove the sorrows of devotees, O ocean of mercy.

Those who meditate on You with love and devotion,
You always bless them, O Lord of the poor and helpless.

You are the foundation of eternal truth and dharma,
Spread the light of wisdom and remove all darkness.

As Ram You uphold righteousness, as Vishnu You protect,
Bless Your devotees always, and bring auspiciousness.

Whoever sings this Aarti with faith in heart and mind,
Receives happiness, prosperity, and Your divine presence.

Jai Jai Shri Purushottam, Prabhu Jai Jagdish,
Remove the sorrows of devotees, O ocean of mercy.


भगवान पुरुषोत्तम आरती का सरल अर्थ (Easy Meaning)

भगवान पुरुषोत्तम आरती का भाव यह है कि हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि:

  • वे हमारे दुख और संकट दूर करें

  • हमारे जीवन में सत्य और धर्म का मार्ग बनाए रखें

  • मन से नकारात्मकता हटाकर ज्ञान और प्रकाश दें

  • घर में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखें

यह आरती हमें भक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास का संदेश देती है।


भगवान पुरुषोत्तम आरती करने के फायदे (Benefits of Purushottam Aarti)

जब आप श्रद्धा से भगवान पुरुषोत्तम की आरती करते हैं, तो इसके कई आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं:

  • मन की शांति और तनाव में कमी

  • घर में सकारात्मक वातावरण

  • नकारात्मक विचारों से छुटकारा

  • भक्ति और आत्मबल बढ़ता है

  • परिवार में एकता और प्रेम

  • जीवन में सही दिशा और प्रेरणा


आरती कब करनी चाहिए? (Best Time to Perform Aarti)

भगवान पुरुषोत्तम आरती के लिए कोई एक नियम नहीं है, लेकिन कुछ समय बहुत शुभ माने जाते हैं:

  • सुबह स्नान के बाद

  • शाम को दीपक जलाकर

  • एकादशी, राम नवमी, गुरुवार, पूर्णिमा

  • किसी नए काम की शुरुआत से पहले

अगर आप रोज़ 5 मिनट भी दिल से आरती कर लेते हैं, तो वह भी बहुत फलदायी होता है।


भगवान पुरुषोत्तम आरती कैसे करें? (Simple Step-by-Step Method)

अगर आप घर पर सही तरीके से आरती करना चाहते हैं, तो यह आसान तरीका अपनाएं:

  • सबसे पहले हाथ-पैर धोकर साफ जगह पर बैठें

  • भगवान विष्णु या श्रीराम का ध्यान करें

  • दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं

  • शांत मन से आरती का पाठ करें

  • अंत में प्रभु से अपनी मनोकामना कहें

  • “जय श्री राम” या “ॐ नमो नारायण” बोलें

इस तरह आरती करने से मन में एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है।


घर में आरती करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

आरती का असर तभी बढ़ता है जब आप इसे श्रद्धा से करें:

  • मन में नकारात्मकता न रखें

  • मोबाइल और शोर से दूर रहें

  • जल्दी-जल्दी पढ़ने की बजाय भाव से पढ़ें

  • परिवार के साथ करें तो और अच्छा

  • रोज़ एक ही समय पर करने की कोशिश करें


भगवान पुरुषोत्तम आरती किसके लिए सबसे ज्यादा लाभकारी है?

यह आरती हर व्यक्ति के लिए उपयोगी है, लेकिन खासकर:

  • जो लोग तनाव और चिंता से परेशान हैं

  • जो विद्यार्थी फोकस और आत्मविश्वास चाहते हैं

  • जो परिवार में शांति और सुख चाहते हैं

  • जो जीवन में धर्म और सही मार्ग अपनाना चाहते हैं

  • जो भक्ति में गहराई लाना चाहते हैं


Conclusion (Final Words)

भगवान पुरुषोत्तम Aarti Full Hindi and English एक पवित्र और भावनात्मक आरती है जो मन को शांति, घर को सकारात्मकता और जीवन को सही दिशा देती है। अगर आप रोज़ श्रद्धा से इसका पाठ करते हैं, तो यह आपकी दिनचर्या को सुंदर बना सकता है और आपको अंदर से मजबूत महसूस कराएगा।

भगवान पुरुषोत्तम आप पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करें।

जय श्री राम | ॐ नमो नारायण


F & A (Frequently Asked Questions)

Q1. भगवान पुरुषोत्तम कौन हैं?

भगवान पुरुषोत्तम का अर्थ है सर्वोच्च भगवान। यह नाम विशेष रूप से भगवान विष्णु और श्रीराम के लिए प्रयोग होता है।

Q2. क्या मैं रोज़ यह आरती कर सकता हूँ?

हाँ, आप इसे रोज़ सुबह या शाम कर सकते हैं। रोज़ाना आरती करने से मन शांत और सकारात्मक रहता है।

Q3. क्या आरती बिना दीपक के भी की जा सकती है?

हाँ, अगर दीपक उपलब्ध न हो तो भी आप श्रद्धा से पाठ कर सकते हैं। भावना सबसे जरूरी है।

Q4. इस आरती से क्या लाभ होता है?

यह आरती तनाव कम करती है, मन को शांति देती है, और जीवन में सकारात्मकता व भक्ति बढ़ाती है।

Q5. आरती कितनी बार पढ़नी चाहिए?

आप इसे 1 बार भी पढ़ें तो पर्याप्त है। चाहें तो 3 बार भी कर सकते हैं।

Q6. क्या यह आरती बच्चों के लिए सही है?

बिल्कुल, बच्चों को यह आरती सिखाने से उनमें संस्कार, शांति और अच्छे विचार आते हैं।


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