Sherawali Chalisa full Hindi and English एक अद्भुत स्तुति है जो हमें माता शेरावाली की शक्ति, करुणा और आशीर्वाद को याद दिलाती है। इसे पढ़ने से मन को शांति मिलती है, संकट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है। यह खास लेख आपको शेरावाली चालीसा हिंदी व इंग्लिश दोनों में सुनने, पढ़ने और समझने में मदद करेगा।
🌺 शेरावाली चालीसा पढ़ने के लाभ
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मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
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जीवन से डर और चिंता का अंत
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परिवार में सुख-समृद्धि का वास
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माता रानी की कृपा से कार्य सिद्धि
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आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि
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हर नई शुरुआत से पहले पढ़ना शुभ
🙏 शेरावाली चालीसा – हिंदी में (Sherawali Chalisa in Hindi)
दोहा
नित करो माता जी का ध्यान।
संकट हर लें शेरावाली माँ।।
चालीसा
जय अम्बे गौरी, मैया जय शेरावाली।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव जी।।
रिद्धि-सिद्धि दायक, दाता दुखहारी।
देवी तुम शेरावाली, भव भवनि साथी।।
शेर पर सवारी, हाथ में त्रिशूला।
शत्रु का नाश करती, मैया तू अनूला।।
भक्तों का रखवाला, दुखियों की माली।
कृपा करो माता जी, दीनन की रखवाली।।
भक्त कभी नाराज़ हो, तो नाम तुम्हारा लेता।
माँ शेरावाली जल्दी, उसकी पीड़ा हर लेता।।
तन-मन आनंदित रहे, माता तेरा ध्यान करें।
भक्तों के हर संकट को, पल में तू निदान करे।।
सदा ही जयकारा गूँजे, तेरे दरबार महान।
जय अम्बे शेरावाली, कर दे बिगड़े काम।।
🌟 Sherawali Chalisa in English (शेरावाली चालीसा अंग्रेजी में)
Doha
Always meditate on Mother Divine,
She removes troubles every time.
Chalisa
Hail Ambe Gauri, Mother Sherawali,
Vishnu, Brahma, Shiva worship thee wholly.
You bless us with success and peace,
Mother Sherawali, let sorrows cease.
You ride a lion, hold the trident high,
You destroy evil, your powers never die.
Protector of devotees, nurturer divine,
Give us your blessings, make our lives shine.
When devotees chant your sacred name,
Their fears vanish, joys they claim.
Strength and peace in your hand,
Guide us always, O Mother grand.
Victory echoes in your holy place,
Bless all beings with your grace.
🪔 शेरावाली चालीसा पढ़ने का सही तरीका
| नियम | विवरण |
|---|---|
| समय | सुबह या शाम |
| स्थान | साफ जगह या पूजा स्थान |
| आसन | लाल या पीले कपड़े पर बैठें |
| दीपक | घी या तेल का दीपक जलाएँ |
| भावना | पूर्ण श्रद्धा और प्रेम से |
📌 Important Tips
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मंगलवार और शुक्रवार को पढ़ना अत्यंत शुभ
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चालीसा के बाद माता के मंत्र का जाप करें
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रोज़ कम से कम 5 मिनट ध्यान लगाएँ
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विश्वास रखिए – माता सब संभाल लेंगी
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❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. क्या शेरावाली चालीसा रोज़ पढ़ सकते हैं?
👉 हाँ, रोज़ पढ़ने से मन को शांति और माता रानी की कृपा मिलती है।
Q2. क्या शाम के समय चालीसा पढ़ना सही है?
👉 बिल्कुल, शाम के समय पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
Q3. कितनी बार पढ़ना चाहिए?
👉 कम से कम एक बार रोज़ पढ़ें, और संकट हो तो तीन बार पढ़ना श्रेष्ठ है।
Q4. PDF कहाँ से मिलेगा?
👉 आप ‘PDF चाहिए’ लिखकर बताएँ, मैं तुरंत भेज दूँगा।
🌷 Conclusion (निष्कर्ष)
शेरावाली चालीसा सिर्फ स्तुति नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है। इसे श्रद्धा से पढ़ने पर माता रानी जीवन से अंधकार मिटाकर रोशनी भर देती हैं। याद रखें — माँ को विश्वास चाहिए, शब्द नहीं।
जय माता दी!
जय शेरावाली माता रानी!
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